हीरे जैसी स्वाशां , GK में बीती जाए,
MATH को पढ़के बुद्धी मेरी, बोली हाय हाय,
English तो परदेशी है, भला क्यों समझ मे आए ,
A,E,I लगाना था,पर O,U टांग अङाए,
हिन्दी में लिखा खूब मगर, ना छंद समझ में आए,
ऑ,ओ,औ का झगड़ा, तो कहीं ए,ऐ अङ जाए,.
ज्यामिति के कोनों में,किरण रेखा टकराए,
Trigonometry की thita का, रोब समज ना आए,
आज कल की चुगली भी ,पेपर में 2,4 आए,
Current affair के करंट में, कोन हाथ फंसाए ,
कल का खाया याद नहीं, इतिहास का रट्टा लाए,
Reasoning की गुत्थम गुत्था में, तो भेजा ही चकराए,
दो दिन जो पढ़ें नहीं ,सब अजनबी हो जाए,
हाय तृष्णा के चक्कर में, कितने साँस खपाए,
मालिक होके नौकर से, भर्ती की आस लगाए,
पाछा पेपर में छाप के, कच्चे से तरसाए ,😀
हीरे जैसी स्वाशां , GK में बीती जाए,
MATH को पढ़के बुद्धी मेरी, बोली हाय हाय ।
😀😀😀😀😀😀😀😀😀😀😀😀😀
......Sanjay Chauhan
विश्व हास्य दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
😀😀😀😀😀😀😀😀😀😀😀😀😀
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